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राफेल लड़ाकू विमान आज दोपहर तक अंबाला एयरबेस पहुंचेंगे, एयरफोर्स बेस के आसपास धारा 144 लागू

फ्रांस से आ रहे राफेल जेट्स की आज अंबाला में लैंडिंग, एयरफोर्स पायलट्स के यहां जश्‍न का माहौल

  • मिसाइलों और घातक बमों से लैस घातक फाइटर जेट राफेल 29 जुलाई को पहुंचेगा अंबाला
  • अंबाला एयरबेस के आसपास 144 लागू, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी लगी पाबंदी
  • 27 जुलाई को फ्रांस से निकले 5 राफेल मंगलवार को अबूधाबू में रेस्‍ट के लिए रोके गए हैं
  • भारतीय दूतावास ने इन राफेल विमानों और जाबांज पायलटों की तस्‍वीर भी जारी की है

नई दिल्ली: चीन से चल रही तनातनी के बीच, राफेल लड़ाकू विमान आज दोपहर तक अंबाला एयरबेस पर पहुंच जाएंगे. लेकिन वायुसेना के अनुरोध पर स्थानीय प्रशासन ने अंबाला एयरबेस के आसपास के इलाके में धारा 144 लगा दी है ताकि असमाजिक-तत्व और मीडिया राफेल लड़ाकू विमानों की तस्वीरें ना ले सकें और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा ना हो.

 

जानकारी के मुताबिक दोपहर 1 से 3 बजे किसी समय राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस पर पहुंचेगा. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया इस मौके पर खुद वहां राफेल विमानों की आगवानी के लिए मौजूद रहेंगे. एक क्लोज-डोर सेरेमनी में राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल कराया जाएगा. मीडिया को भी इस समारोह में शामिल होने की इजाजत नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, लेकिन राफेल लड़ाकू विमानों के अंबाला बेस पर पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो को वायुसेना ही आधिकारिक तौर से मीडिया को देगा. अगस्त महीने में मीडिया के लिए अंबाला एयरबेस पर राफेल लड़ाकू विमानों को प्रदर्शित किया जाएगा.

 

वायुसेना प्रमुख के नाम पर राफेल विमानों की नंबरिंग

 

वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया के नाम पर ही राफेल विमानों की नंबरिंग ‘आरबी’ से की गई है. क्योंकि वर्ष 2016 में वायुसेना के डिप्टी-चीफ (उप-प्रमुख) होने के नाते वे राफेल सौदे के लिए भारत और फ्रांस‌ की साझा नेगोशिएशन-कमेटी के अध्यक्ष थे और करार में एक अहम भूमिका निभाई थी. इसीलिए राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ ने उनके नाम के इनीशयल पर ही राफेल की नंबरिंग की है. पिछले साल जुलाई के महीने में भारत और फ्रांस की वायुसेनाओं के बीच हुई गरूण एक्सरसाइज में खुद आर के एस भदौरिया ने फ्रांस के मोंट द मारसन एयरबेस पर राफेल में उड़ान भरी थी. उस वक्त उन्होनें मोंट द मारसन एयरबेस पर बातचीत में कहा था कि राफेल विमानों के भारत में आने से चीन और पाकिस्तान में जरूर खलबली मच जाएगी.

 

आपको बता दें कि अंबाला एक सामरिक महत्व का मिलिट्री बेस है जहां पर ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात हैं. इसके अलावा वायुसेना की मिग21 ‘बाइसन’ और जगुआर फाइटर जेट्स की भी स्कॉवड्र्न यहां तैनात हैं. इसके अलावा थलसेना की खड़गा स्ट्राइक कोर (2 कोर) का हेडक्वार्टर भी अंबाला एयरबेस के बेहद करीब है. इसीलिए ये बेहद संवेदनशील क्षेत्र है जिसपर दुश्मन की नजर रहती है.

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