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कोरोना पर केजरीवाल के फ़ैसलों को पलटा LG ने,आगबबुला हुई आप

आम आदमी पार्टी भड़की

कोरोना पर केजरीवाल के फ़ैसलों को पलटा LG ने,आगबबुला हुई आप

  • दिल्ली LG ने बदला केजरीवाल का फैसला
  • आप ने भाजपा पर साधा निशाना
  • भाजपा ने उपराज्यपाल के फैसले को सराहा
  • कांग्रेस भी आप पार्टी पर भड़की

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार के फैसलों को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच खींचतान भी बढ़ गई है

दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार के फैसलों को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच खींचतान भी बढ़ गई है. मामला ये हुआ कि दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अरविंद केजरीवाल की सरकार के दो फैसलों को पलट दिया तो आम आदमी पार्टी विपक्षी दल बीजेपी पर आग बबूला हो गई.

असल में, उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के दो फैसलों को बदल दिया. पहला, उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के कोरोना मरीजों का इलाज होगा. दूसरा, उपराज्यपाल ने जारी आदेश में कहा कि अब ऐसिम्प्टमैटिक लोग भी, जो सीधे किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं, वह 5 से लेकर 10 दिन के अंदर कोरोना टेस्ट करवा सकते हैं.

  • बीजेपी पर बिफरी आम आदमी पार्टी

उपराज्यपाल के फैसलों पर आम आदमी पार्टी बिफर पड़ी और बीजेपी को आड़े हाथों लिया. AAP के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है. मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘बीजेपी की राज्य सरकारें PPE किट घोटालों और वेंटिलेटर घोटालों में व्यस्त हैं. दिल्ली सरकार सोच समझकर, ईमानदारी से इस डिज़ास्टर को मैनेज करने की कोशिश कर रही है. यह बीजेपी से देखा नहीं जा रहा इसलिए LG पर दबाव डालकर घटिया राजनीति की है.’

वहीं उपराज्यपाल के फैसले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीलाल ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की. केजरीवाल ने ट्वीट किया, LG साहिब के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा कर दी है. देशभर से आने वाले लोगों के लिए कोरोना महामारी के दौरान इलाज का इंतज़ाम करना बड़ी चुनौती है. शायद भगवान की मर्ज़ी है कि हम पूरे देश के लोगों की सेवा करें. हम सबके इलाज का इंतज़ाम करने की कोशिश करेंगे.

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि एलजी द्वारा जारी बीजेपी प्रायोजित आदेश असंवैधानिक और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. एलजी, अपने लेटर हेड पर केवल कुछ पैराग्राफ लिखकर कैसे लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल के निर्णय को रद्द कर सकते हैं. साथ ही यह दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य का तिरस्कार है.

  • बीजेपी ने LG के फैसले को सराहा

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फैसले को पलटने पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की बीजेपी ने तारीफ की. पूर्वी दिल्ली के बीजेपी सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर और कवि कुमार विश्वास ने उपराज्यपाल के फैसले की सराहना की है. गौतम गंभीर ने ट्वीट किया, दिल्ली सरकार द्वारा अन्य राज्यों के मरीजों का इलाज नहीं करने के मूर्खतापूर्ण आदेश को खत्म करने के लिए एलजी द्वारा उत्कृष्ट कदम! भारत एक है और हमें मिलकर इस महामारी से लड़ना है! इंडिया फाइट अगेंस्ट कोरोना.

इससे पहले, दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि मैंने हनुमान जी से प्रार्थना की है कि वो अरविंद केजरीवाल जी को भी स्वस्थ रखें. वो स्वस्थ रहें और दिल्ली को स्वस्थ रखने में उनकी जो भूमिका है उसका निर्वाह करें.

मनोज तिवारी ने कहा कि कई समाचार ऐसे आ गए हैं कि इनका इलाज होगा, बाहर वालों का इलाज नहीं होगा. बाहर का तो कोई आ नहीं रहा है दिल्ली में. फिर ऐसी बात क्यों हो रही है. दिल्ली के लोगों का इलाज हो, और अगर कोई बाहर का यहां रह गया हो तो उसके इलाज से मना करेंगे. इस तरह इंसानियत को शर्मसार करने वाला निर्णय कम से कम दिल्ली को नहीं लेना चाहिए. दिल्ली देश की राजधानी है.

  • केजरीवाल सरकार ने ध्यान भटकाया

दिल्ली में हो रहे कोरोना टेस्ट की संख्या पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. कांग्रेस ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने टेस्ट की संख्या को आधा कर दिया है, जबकि टेस्ट की संख्या के अनुपात में पॉजिटिव मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है. कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि दिल्ली सरकार अपनी दो नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. कुछ देर पहले जारी दिल्ली सरकार के बुलेटिन के मुताबिक सोमवार को कोरोना टेस्ट घटकर 3700 हो गया है जबकि 29 मई को 7649 टेस्ट किए गए थे. कोरोना पॉजिटिव मामले प्रति सौ टेस्ट के अनुपात में 27 बढ़ते हैं.

  • क्या है मामला

दिल्ली सरकार ने रविवार को कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया था. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आधिकारिक घोषणा की थी कि सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा. वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है. हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं, जो कहीं और नहीं होती, उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी.

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