अनतर्राष्ट्र्य खबरें
Trending

लॉकडाउन में ढील पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी,

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा- आपने बाढ़ के लिए द्वार खोल दिए हैं.

 स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

  • यात्रा से संक्रमण के फैलाव की दर बढ़ सकती है।

  • वायरस संक्रमण के मामलों में भारत शीर्ष 5 देशों में शामिल

भारत के कोरोना यात्रा से संक्रमण के फैलाव की दर बढ़ सकती है।  विशेषज्ञों ने यात्रा प्रतिबंधों में दी गई ढील और प्रवासियों के आवागमन को जिम्मेदार बताया है। विशेषज्ञों ने इसे बाढ़ के दौरान बांध के फ्लड गेट खोल देने सरीखा कदम करार दिया और साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में संक्रमण के प्रसार में जंगल की आग सरीखी तेजी दिख सकती है।

डॉ. चंद्रकांत एस. पांडव ने रेल व सड़क परिवहन सेवाओं के  सीमित संचालन और प्रवासियों की अपने घरों में वापसी पर टिप्पणी करते हुए कहा, आपने फ्लड गेट खोल दिए हैं। डॉ. पांडव इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के पूर्व अध्यक्ष हैं।

उन्होंने कहा, इसे कोरोना वायरस संक्रमण के जंगल की आग की तरफ फैलने के लिए आदर्श वातावरण तैयार करने का क्लासिक केस कहा जा सकता है। आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले नाटकीय तरीके से बढ़ हो सकते हैं। उन्होंने कहा, हालांकि यह सच है कि लॉकडाउन हमेशा के लिए नहीं रखा जा सकता, लेकिन इसे खोलने का काम ज्यादा जांच और सूचनाबद्ध तरीके से होना चाहिए था। यात्रा से संक्रमण के फैलाव की दर बढ़ सकती है।

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के मुताबिक, फिलहाल संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हॉटस्पॉट इलाकों में ही ज्यादा देखने को मिल रही है, लेकिन आने वाले दिनों में यात्रा बढ़ने के कारण कोरोना वायरस (कोविड-19) से अन्य स्थानों में भी संक्रमित लोगों की संख्या में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।

उन्होंने कहा, संक्रमण के लक्षण नहीं होने या शुरुआती लक्षणों वाले लोग थर्मल स्क्रीनिंग सिस्टम में पार हो जाएंगे और ये उन इलाकों में जाएंगे, जहां बेहद कम या न के बराबर मामले हैं। ऐसे इलाकों में इसके बाद संक्रमण की दर बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना टेस्ट की क्षमता में बेहद बढ़ोतरी के चलते भी संक्रमित मामलों की संख्या बढ़ी हुई दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा, लोगों के सड़कों पर निकलने के समय यदि उचित सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की सफाई पर ध्यान नहीं देना भारी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में एक व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण का ट्रांसमिशन ज्यादा तेजी से फैल सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close