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ब्रेकिंग न्यूज़ :- गोविंदा नेपोटिज्म की बहस मे बोले-

गोविंदा (Govinda) ने बॉलीवुड (Bollywood) में नेपोटिज्म (Nepotism) पर बात करते हुए बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्हें किस तरह संघर्ष करना पड़ा था. उन्होंने आज बॉलीवुड में बन रहे कैंप पर भी बात की है.

नेपोटिज्म की बहस में कूदे गोविंदा, बोले- अब 4-5 लोग चलाते हैं बिजनेस

इन दिनों बॉलीवुड इंडस्ट्री में नेपोटिज्म (Nepotism) पर जबरदस्त बहस जारी है. इसके साथ ही आउटसाइडर्स के साथ होने वाले बुरे बर्ताव पर भी तरह-तरह के खुलासे किए जा रहे हैं. वहीं अब इस बहस में इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता गोविंदा (Govinda) भी शामिल हो गए हैं. उन्होंने बताया कि डेब्यू के बाद भी उन्हें क्या-क्या झेलना पड़ा है. इसके साथ ही उन्होंने इन दिनों बॉलीवुड (Bollywood) में बन रहे कई कैंप पर भी बात की है. उनका मानना है कि पहले टैलेंट को मौका मिलता था लेकिन अब इंडस्ट्री में सिर्फ 4-5 लोग ही बिजनेस चला रहे हैं.
एक समय पर सबसे बड़े सुपरस्टार रह चुके गोविंदा अब फिल्मों में कम ही नजर आते हैं. उनका मानना है कि ‘जहां संघर्ष हमें बेहतर इंसान बनाता है, हम उनसे कैसे निपटते हैं ये हमें परिभाषित करता है’. उन्होंने अपने एक लेटेस्ट इंटरव्यू में अपने पूरे फिल्मी करियर को लेकर बात की है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट की मानें तो गोविंदा ने कहा उनके माता-पिता निर्मला देवी और अरुण कुमार आहूजा एक्टर्स होने के बाद भी उन्हें इंडस्ट्री में संघर्ष करना पड़ा है.

घंटों तक करना पड़ा था इंतजार

उन्होंने बताया कि ‘मेरे माता-पिता के इंडस्ट्री छोड़ने और मेरे 21 की उम्र में इंडस्ट्री में आने के बीच में 33 सालों का अंतर था. जब मैं इंडस्ट्री में आया तब तक कई नए प्रोड्यूसर्स आ गए थे, जो मेरे परिवार के बारे में नहीं पजानते थे. मुझे उनसे मिलने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता था. मैं समझ चुका था कि वो इस तरह बात और बर्ताव क्यों करते हैं लेकिन मैंने कभी इसे अपने और अपनी कला के बीच आने नहीं दिया’.

इंडस्ट्री में रहने के लिए

गोविंदा ने ये भी माना कि एक वक्त पर उन्हें लगा कि वो सफल नहीं हो सकेंगे लेकिन उन्होंने राज कपूर, जीतेंद्र, अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार्स की स्ट्रग्ल से सबक लिया. गोविंदा का मानना है कि ‘इस इंडस्ट्री में सही नजरिया होना बेहद जरूरी है. या तो मेहनत करो या फिर लोगों की बातों से निराश हो जाओ. लोगों ने मुझसे कहा कि राजनीति में जाना मेरे लिए गलत हो गया लेकिन उसके बाद भी मैंने फिल्में की हैं और उन फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन भी किया है’.

4-5 लोग ही इस बिजनेस को चला रहे हैं

उन्होंने कहा मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि ‘फिल्म एक कला है लेकिन हमने उसे बिजनेस बना दिया है. कलाकार इंसान हैं कोई प्रोडक्ट नहीं हैं. उन्हें स्वीकार करो जिनके पास टैलेंट है’. उन्होंने कहा- ‘पहले, जिसमें टैलेंट होता था उसे काम मिलता था. हर फिल्म को थिएटर में समान अवसर मिलता था लेकिन अब, सिर्फ 4-5 लोग ही इस बिजनेस को चला रहे हैं. वो तय करते हैं कि जो लोग उनके करीब नहीं है उनकी फिल्म सही से रिलीज होंगी या नहीं. मेरी कई फिल्मों के साथ भी ऐसा हुआ है’.

बेटी पर बोले गोविंदा

वहीं नेपोटिज्म की बहस के बीच अपनी बेटी टीना आहूजा के इंडस्ट्री में आने को लेकर गोविंदा ने कहा- ‘मैं उसके बारे में ज्यादा बात नहीं करता हूं. उम्मीद है कि चीजें कुछ अलग होंगी. वो अपना रास्ता खुद बना रही है और जब उसका वक्त आएगा तब आगे बढ़ेगी’.
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