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मशहूर शायर राहत इंदौरी दुनिया को अलविदा कह गए,हार्ट अटैक से हुआ निधन

मशहूर शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. इंदौर के छोटी खजरानी स्थित कब्रिस्तान में उन्हें हुए अंतिम विदाई

  • राहत इंदौरी कोरोना वायरस पॉजिटिव
  • इंदौर के अस्पताल में कराया गया भर्ती

मशहूर शायर राहत इंदौरी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. उनका दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को निधन हो गया. वे कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे, जिसके उपचार के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 अगस्त की देर रात श्रीअरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. राहत इंदौरी के निधन पर कई बड़ी हस्तियों ने शोक जताया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया.

राहत इंदौरी ने खुद भी कोरोना संक्रमित होने की जानकारी ट्विटर के जरिए साझा की थी. उन्होंने लिखा था, ‘कोविड के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं, दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं. एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी.’

राहत इंदौरी साहब की खास बात ये थी कि वो लोगों के जज्बातों और ख्यालों को शायरी में ढाल देते थे. इश्क को एक अलग अंदाज में बयां करने वाले राहत इंदौरी के सियासी शेर भी खूब पसंद किए गए. उनका एक शेर तो न जाने कितनी बार दोहराया जा चुका है.

सभी का ख़ून है शामिल यहां की मिट्टी में,
किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है

‘सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम
आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

अपनी पहचान मिटाने को कहा जाता है
बस्तियाँ छोड़ के जाने को कहा जाता है

पत्तियाँ रोज़ गिरा जाती है ज़हरीली हवा
और हमें पेड़ लगाने को कहा जाता है

इबादतों की हिफाज़त भी उनके जिम्मे हैं,
जो मस्जिदों में सफारी पहन कर आते हैं

अब के जो फैसला होगा वह यहीं पे होगा
हमसे अब दूसरी हिजरत नहीं होने वाली

मेरी ख़्वाहिश है कि आंगन में न दीवार उठे
मेरे भाई मेरे हिस्से की ज़मी तू रख ले

टूट रही है हर दिन मुझमें इक मस्जिद
इस बस्ती में रोज दिसबंर आता है

दरे-मस्जिद पर कोई शै पड़ी है
दुआ-ए-बेअसर होगी हमारी

 

 

कोरोना के खिलाफ जंग में भी राहत इंदौरी आगे आए. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि, ‘खुदा ना करे, मुल्क में #COVID-19 के मरीज़ों की तादाद ज़्यादा हो, लेकिन अगर हो जाए और इंदौर में मरीज़ों को आइसोलेट करने के लिए अलग कमरों की ज़रूरत हो, तो मेरा मकान हाज़िर है. रब हम सबकी इस वबा से हिफाज़त करे.

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