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विद्यालय को फिर से खोलने पर शिक्षा मंत्रालय ने अभिभावकों से मांगा सुझाव,जाने कब से खुलेंगे विद्यालय

मंत्रालय ने स्कूलों द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए

शिक्षा मंत्रालय ने अभिभावकों से मांगा सुझाव

खास बातें 

  • शिक्षा सचिवों को 20 जुलाई तक फीडबैक लेने को कहा गया,

  • स्कूलों को फिर से खोले जाने पर माता-पिता की क्या अपेक्षाएं हैं,

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्कूलों को फिर से खोलने के लिए माता-पिता से फीडबैक लेने के लिए कहा है. साथ ही एक संभावित अवधि भी पूछने के लिए कहा गया है जिसमें माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहज होंगे.

शिक्षा मंत्रालय ने अभिभावकों से मांगा सुझाव
शिक्षा मंत्रालय ने अभिभावकों से मांगा सुझाव

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्कूलों को फिर से खोलने के लिए माता-पिता से फीडबैक लेने के लिए कहा है. साथ ही एक संभावित अवधि भी पूछने के लिए कहा गया है जिसमें माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहज होंगे.  मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा भेजे गए एक सर्कुलर में कहा गया है कि माता-पिता से फीडबैक लिया जाए कि स्कूलों में कब और कैसे फिर से पढ़ाई शुरू हो.

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा सचिवों को 20 जुलाई तक फीडबैक लेने को कहा गया है. 20 जुलाई तक निम्नलिखित बिंदुओं पर स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता का फीडबैक लेने को कहा गया है.

1. अगस्त / सितंबर / अक्टूबर, 2020 में किस समय वे स्कूलों को फिर से खोलने के साथ सहज होंगे ?

2.  स्कूलों को फिर से खोले जाने पर माता-पिता की क्या अपेक्षाएं हैं ?

3. इस संबंध में कोई अन्य फीडबैक.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की घोषणा के बाद से देश भर में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. तब से केंद्र ने कई छूट दी हैं लेकिन शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की अनुमति नहीं दी है. COVID-19 संकट के कारण भारत में “असाधारण स्थिति” के चलते, सरकार ने जुलाई के पहले सप्ताह में, कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल के सिलेबस को 30 प्रतिशत तक घटाने का फैसला किया है.

एचआरडी मंत्रालय ने कहा कि मुख्य अवधारणाओं को बनाए रखते हुए बोझ को हल्का करने के लिए सिलेबस को तर्कसंगत बनाया गया है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय कक्षा शिक्षण के बजाय ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है ताकि सीखने के घंटों की क्षतिपूर्ति की जा सके.

पिछले हफ्ते, स्कूल की तरह लगातार ऑनलाइन क्लास ले रहे स्कूलों के बारे में अभिभावकों द्वारा चिंता जाहिर की गई थी कि इससे बच्चों के स्क्रीन के आगे समय बिताने में वृद्धि हुई है. मंत्रालय ने स्कूलों द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं और छात्रों के लिए एक दिन में क्लास की समय सीमा निश्चित करने की सिफारिश की थी.

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