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दिल बेचारा रिव्यू:आखिर क्या है सुशांत की आखिरी फिल्म “दिल बेचारा” की पूरी कहानी?

सुशांत के लिए नहीं हो सकती इससे खूबसूरत विदाई

  • अवधि: एक घंटा, 41 मिनट 26 सेकंड
  • स्‍टार: 3.5 तीन स्‍टार
  • क्यों देखें: सुशांत ने अपने काम से यकीनन आखिरी सलाम अपने चाहने वालों तक पहुंचाया है। तेज कदमों से पास आ रही मौत से जूझते मैनी के रूप में सुशांत को अपने आसपास महसूस करने के लिए देखें।

 

जिंदगी के लिए मोहब्बत जगाती है ‘दिल बेचारा

 

सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का प्रीमियर शुक्रवार शाम 7.30 बजे ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर हुआ। फैन्स इस फिल्म को लेकर थाेड़े रुआंसे भी हैं और थोड़े खुश भी, इसीलिए इसके रिलीज होने का इंतजार बेसब्री से कर रहे थे। इसे लेकर क्रेज ऐसा है कि ट्विटर पर शाम से ही नंबर 1 पोजिशन पर #DilBecharaDay हैशटेग ट्रेंड कर रहा है।

 

बॉलीवुड का वो स्टार जो इस दुनिया में नहीं रहा, उस सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म “दिल बेचारा..” रिलीज हो चुकी है. आपको इस पूरी फिल्म का रिव्यू बताते हैं. इस फिल्म के मुख्य तीन तथ्यों की प्रतिक्रिया हम आपको दे देते हैं.

“एक था राजा, एक थी रानी दोनों मर गए खत्म कहानी” इस फिल्म की शुरुआत इसी डायलॉग के साथ हुई. फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत का नाम Manny और सुशांत की आखिरी फिल्म की को-स्टार संजना सांघी का नाम Kizie है. फिल्म में ये दोनो ही कैंसर से जूझ रहे हैं. कैंसर हॉस्पिटल में दोनों की मुलाकात होती है.

 

फिल्म की शुरुआत से ही Kizie को इस बात की जानकारी थी कि उसकी मौत होने वाली है. लेकिन फिल्म में सुशांत का कैरेक्टर काफी ही फनी दिखाया गया है. फिल्म में सुशांत की एंट्री ही बिल्कुल छिछोरे और अय्याश लड़के की तरह होती है. पीले जैकेट में काले चश्मे के साथ सुशांत ने बड़ी कूल एंट्री करते हुए फिल्म का नाम “दिल बेचारा” बोलते हुए अचानक एक्ट्रेस संजना की तरफ पलटते हैं.

 

इस फिल्म में सुशांत और उनका एक दोस्त जेपी एक छोटी-मोटी फिल्म बना रहे थे. सुशांत के जबरदस्त अंदाज को कैरेक्टराइज करने के लिए इस फिल्म में बन रही फिल्म के लिए Kizie को बतौर हीरोइन कास्ट किया गया. सुशांत ने ये बोलते हुए Kizie को फिल्म ऑफर किया कि तुझसे बेहतर हीरोइन कोई हो ही नहीं सकती मेरे लिए..

 

दिल छू लेने वाले सुशांत के डायलॉग्स

  • ‘जन्म कब लेना है और कब मरना है ये तो हम डिसाइड नहीं कर सकते, लेकिन कैसे जीना है ये हम डिसाइड करते हैं।’
  • ‘जब कोई मर जाता है उसके साथ जीने की उम्मीद भी मर जाती है, पर मौत नहीं आती।’
  • ‘मैं बहुत बड़े-बड़े सपने देखता हूं पर उन्हें पूरा करने का मन नहीं करता।’
  • ‘प्यार नींद की तरह होता है धीरे-धीरे आता है और फिर आप उसमें खो जाते हैं।’
  • ‘हीरो बनने के लिए पॉपुलर नहीं होना पड़ता, वो रियल लाइफ में भी होते हैं।’
  • ‘मैं एक फाइटर हूं और मैं बहुत बढ़िया तरीके से लड़ा।’

 

वैसे इस फिल्म में मजाकिया मूमेंट काफी देखे गए. जब फिल्म में हीरो और हीरोइन यानी सुशांत और संजना के बीच पहली बार बात हुई तो Manny (सुशांत) ने Kizie से उसके नाम को लेकर मजा लेते हुए पूछा कि तुम्हारा नाम Kissie क्यों है? फिर Kizzie ने बताया कि It’s not Kissie, It’s Kizzie.. 

इस दौरान सुशांत यानी Manny ने संजना यानी Kizzie को बाइक पर बैठने का ऑफर किया तो, उसने बोला मुझे तुम सीरियल किलर लगते हो.. फिर Manny ने पूछा.. सीरियल किलर या सीरियस किसर

 

Kizzie बासु एक बंगाली फैमिली से थी. उसे एक अधूरा गाना बहुत पसंद था जो एलबम अधूरा था और इसका नाम ‘मैं तुम्हारा’ था. इस गाने के सिंगर का नाम फिल्म में अभिमन्यु वीर बताया गया है. जिससे मिलकर कुछ सवाल पूछना Kizzie की जिंदगी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी. काफी मशक्कत के बाद Manny ने उसे ढूंढ लिया, लेकिन वो पेरिस में था.

इस फिल्म का बेहतरीन डायलॉग में से एक ये था कि Kizzie बोलती है कि “मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं हूं…” Manny पूछता है “अभी नहीं या कभी नहीं?” Kizzie बोलती है “कभी नहीं” इतने में ही Manny झट से बोलता है “चल झूठी..”

 

एक बार फिर Kizzie की तबीयत बहुत बिगड़ जाती है और फिर पेरिस का प्लान कैंसिल हो जाता है. फिल्म में अभिमन्यु वीर का किरदार सैफ अली खान ने निभाया है. सैफ का रोल काफी ही छोटा है लेकिन सैफ ने अपने किरदार को काफी उम्दा निभाया है.

 

सुशांत सिंह राजपूत ने इस फिल्म को शानदार से भी जानदार एक्टिंग से नवाजा है. फिल्म की कहानी उतनी इंटरेस्टिंग नहीं लगी. लेकिन, स्टोरी के सस्पेंस को लेकर दर्शकों ने आखिरी पल तक वो नहीं सोचा होगा जो मोड़ फिल्म में स्टोरी ने लिया.

फिल्म की शूटिंग और वीडियोग्राफी भी कमाल की रही. इमोशनल मामले में फिल्म को बेहतर तरीके से दर्शाया गया. बात घूम फिर सुशांत पर ही आ जाएगी. क्योंकि इमोशनल हो या फनी या फिर सीरियस हर मूमेंट में सुशांत ने जबरदस्त एक्टिंग का प्रदर्शन किया है. सही मायने में कहा जाए तो ये पूरी फिल्म सुशांत की एक्टिंग के बिना कुछ नहीं है. ये फिल्म सुशांत की आखिरी फिल्म थी और ये सच्चाई भी है कि सुशांत के बिना ये फिल्म कुछ भी नहीं..

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