BREAKING NEWSटॉप न्यूज़राज्य

बिहार के कई गांव डूबे, बिहार के 15 जिलों में संकट और बढ़ा, अभी इतने दिन तक भारी बारिश का अलर्ट

Heavy Rain Alert For Bihar And Nepal, Flooded Bihar Updates

बिहार के कई गांव डूबे, बिहार के 15 जिलों में संकट और बढ़ा

 

बिहार में प्रलयकारी बाढ़ की विनाशलीला जारी है. लाखों लोग बेघर हो गए हैं. इस बीच, मौसम विभाग के संकेत ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है. पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार और नेपाल के निचले इलाकों में 1 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है. इसे लेकर चेतावनी जारी की गई है. बिहार में पहले ही बाढ़ ने तबाही मचा रखी है, यहां 7 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. वहीं, भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित 15 जिलों में हालात बद से बदतर हो सकती है.

मोतिहारी में बहा पुल

मोतिहारी में सोमवती नदी पर बना पुल तेज बहाव से महज़ 5 सेकेंड में टुकड़े-टुकड़े हो गया. कोटवा में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से सोमवती नदी उफान पर है. आसपास के तमाम इलाके जलमग्न हो चुके हैं. कटिहार में गंगा और महानंदा नदी उफान पर हैं. जिले से बहने वाली भासना नदी के तेज बहाव के बीच बच्चे गैस के सिलेंडर जान पर खेलकर इस पार से उस पार पहुंचा रहे हैं.

दरभंगा में बागमती नदी का जलस्तर लगातार चढ़ रहा है. तमाम इलाके जलमग्न हो चुके हैं. दरभंगा के इंजीनियरिंग कॉलेज में भी बाढ़ का पानी घुस गया है. कॉलेज के सामान को सुरक्षित रखना कॉलेज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है.

मुजफ्फरपुर के 15 ग्राम पंचायत बाढ़ की चपेट में हैं. सकड़ा प्रखंड में बांध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है. ग्रामीण और प्रशासन दोनों ही बांध की मरम्मत में जुटे हैं. लोग ऊंचाई वाली जगहों पर शरण ले रहे हैं. तेज बहाव की वजह से बांध की मरम्मत में दिक्कत हो रही है.

सोमवार को बिहार में बाढ़ से प्रभावित जिलों के कुछ और इलाके में पानी घुस गया जिससे प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 10 लाख को पार कर गई है. वहीं, यहां मृतकों की संख्या 10 पहुंच गई है.

बिहार के 11 जिले प्रभावित

बिहार के 15 जिलों के 93 प्रखंडों की 765 पंचायतों में करीब 24.42 लाख लोग प्रभावित हैं. जिसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों की हालत ज्यादा खराब है. सबसे ज्यादा दरभंगा जिला प्रभावित हुआ है, जहां 14 प्रखंडों में 8.87 लाख लोग विस्थापित हो गए. सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, खगड़िया और सारण बाढ़ से प्रभावित हैं.

यहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 17 टीमें और एसडीआरएफ की 8 टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई है. प्रभावित इलाके से अब तक 1.67 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

यूपी में भी नदियां उफान पर

यूपी के सहारनपुर में बरसाती नदियां पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से उफन रही हैं. सोमवार को नदी पार करने वाले कई वाहन तेज बहाव में फंस गए. ट्रैक्टर की मदद से वाहनों को बाहर निकाला गया. तेज बहाव के बीच लोग वाहन और पशुओं को कंधे पर लादकर नदी पार कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में कंधरपुर थाना अंतर्गत हरिहरपुर गांव में एक जलाशय में तीन लड़के डूब गए.

PATNA

असम में बाढ़ से तबाही

असम में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. प्रदेश के 33 में से 22 जिलों में 22.34 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राज्य से एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना मिली है. राज्य के गोलाघाट जिले के बोकाहाट में एक व्यक्ति की मौत होने से इस साल बाढ़ और भूस्खलन से 129 लोगों की मौत हुई है.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बाढ़ जनित घटनाओं में 103 लोगों और भूस्खलन में 26 की मौत हुई है. गोलपाड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां 4.62 लाख लोग प्रभावित हुए हैं जबकि बारपेटा और मोरिगांव में क्रमश: 3.81 लाख और 3 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और जिला प्रशासन के कर्मियों ने 97 लोगों को बचाया.

असम में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है लेकिन बाढ़ का कहर जारी है. बारपेटा जिले में तमाम गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं. लोगों ने सड़कों पर आशियाने बना रखे हैं. ग्रामीण किसी तरह बच्चों और मवेशियों की जान बचाने में जुटे हैं.

पहाड़ों में बढ़ी परेशानी

पहाड़ों पर कुदरत जमकर कहर बरपा रही है. आसमान से बरस रही आफत के बीच पहाड़ों के दरकने का सिलसिला जारी है. उत्तराखंड के विकासनगर इलाके में भूस्खलन का दिल दहलाने वाला मंजर देखने को मिला. कालसी-चकराता मुख्य मार्ग पर अचानक पहाड़ दरकने से मलबा आ गिरा. एक पिकअप गाड़ी भूस्खलन की चपेट में आ गई. कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकाला गया.

मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन की वजह से स्टेट हाइवे बंद हो गया. मसूरी में कोल्हू खेत के पास लैंडस्लाइड हुई. पहाड़ों से अचानक मलबा रोड पर आ गिरा. हालांकि यात्री बाल बाल बच गये. भूस्खलन की वजह से स्टेट हाइवे तीन घंटे तक बंद रहा. उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के बीच पिथौरागढ़ जिले में अलग-अलग घटनाओं में मकान ढहने से 3 लोगों की मौत हो गई.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close