अनतर्राष्ट्र्य खबरेंटॉप न्यूज़

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच अचानक लद्दाख पहुंचे पीएम मोदी, चीन को लगी मिर्ची

फ्रंट पर प्रधानमंत्री का पहुंचना हौसले का हाईडोज, इससे उन्हें असल हालात पता चलेंगे, ताकि तुरंत एक्शन ले सकें

 

  • ये सिग्नल है कि देश आपके साथ है और सरकार सेना के साथ रहेगी हर चीज में, हर एक्शन के लिए
  • ब्यूरोक्रेट फ्रंट पर नहीं जाता, फाइलों पर ही काम करता है, पीएम को ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम से सीमा की जानकारी पता लगने पर चीजें डाइल्यूट हो जाती हैं
  • प्रधानमंत्री मोदी के लेह पहुंचने से चीन हैरान
  • कोई कुछ ऐसा न करे जिससे तनाव हो-चीन

 

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अचानक लद्दाख पहुंच गए. यहां उन्होंने लद्दाख के नीमू पोस्ट में थलसेना और वायुसेना के अफसरों से मुलाकात की. अधिकारियों ने पीएम को वर्तमान स्थिति के बारे में ब्रीफ किया. इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद रहें. इसके बाद पीएम ने गलवान घाटी में घायल हुए जवानों से अस्पताल में मुलाकात की.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक लेह पहुंचने से हर कोई हैरान है. चीन को भी इस दौरे से कड़ा संदेश पहुंचा है और इस बीच अब चीनी विदेश मंत्रालय ने इस दौरे पर बयान दिया है. चीन का कहना है कि कोई भी पक्ष कुछ भी ऐसा ना करे, जिसे माहौल खराब हो.

रोजाना होने वाली ब्रीफिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि भारत और चीन लगातार सैन्य और डिप्लोमेटिक बातचीत के जरिए बॉर्डर पर जारी तनाव को कम करने में लगे हुए हैं. ऐसे में किसी भी पार्टी को कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए, जिससे बॉर्डर पर तनाव पैदा हो.

पूरी दुनिया को बड़ा संदेश

असल में, पीएम मोदी के इस सरप्राइज विजिट से चीन समेत पूरी दुनिया को बड़ा संदेश मिला है. डिफेंस एक्सपर्ट्स की मानें तो पीएम नरेंद्र मोदी ने लेह जाकर बड़ा कदम उठाया है और चीन को संदेश दे दिया है कि हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.

पहले रक्षामंत्री राजनाथ करने वाले थे दौरा
पहले खबर आई थी कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लेह का दौरा करने वाले हैं, लेकिन किसी कारण से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया.  मई से ही चीन के साथ बॉर्डर पर तनाव जारी है और बॉर्डर पर लगातार गंभीर स्थिति बनी हुई है.

चीन से विवाद पर कुछ बड़ा होने वाला है

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यहां पर पहुंचना यह संकेत है कि चीन से लगातार जारी तनाव के बीच कुछ अलग और बड़ा होने वाला है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close